आर्थिक रचनाकार

उद्यम एवं रोजगारी निर्माण का शौक

मैंने 1988 में IAS में शामिल होने के बाद प्रथम 12 वर्षों तक नीचे के प्रशासनिक स्तर पर कार्य किया । अक्तूबर, 2001 में राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सचिव के रूप में नियुक्त हुआ । उनके सानिध्य मात्र से ही मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला और एक अधिकारी के रूप में हमें कुछ करने की अपार शक्ति मिली । इसके अतिरिक्त उन्होने गुजरात के इंडस्ट्री एवं निवेश के छेत्र की सिंगल विंडो संस्था इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ब्यूरो (iNDEXTb ) का एम डी बनाकर मुझे और भी सक्षम बना दिया । iNDEXTb का प्रमुख कार्य गुजरात राज्य में नीचे  एवं उच्च स्तर पर योगदान देकर औद्योगिक निवेश को बढ़ाना है ।  

इस प्रकार एम डी iNDEXTb के रूप में २००१ से २००६ के बीच गुजरात में निवेश बढ़ाने एवं निवेशकों को मदद करके निवेश कराने का कार्य भी किया । विशेष रूप से:

२००३ से शुरू होकर आज यह इवेंट वैश्विक स्तर की एक बड़ी इवेंट बन गयी है जिसे विश्व के निवेशक चूकना नहीं चाहते । इतना ही नहीं विश्व के नेता गण भी इसमें उपस्थित रहना चाहते हैं ।

कम समय में ही iNDEXTb को ऑनलाइन संस्थाओं से सुसज्जित किया तथा निवेशकों एवं उद्योगकारों के लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात’ नाम का इवेंट आधारित निवेश को प्रोत्साहित करने वाला कार्यक्रम भी शुरू किया ।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास :-

साल 2006 में मैं ऑस्ट्रेलिया में पब्लिक पॉलिसी पर मास्टर डिग्री कोर्स करने के लिए भारत सरकार द्वारा भेजा गया, जिसे पूरा करके 2006 के अंत में पुनः गुजरात वापस लौटा और फिर से माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी, जो मुख्यमंत्री गुजरात थे, उनका सचिव बना ।

इस बार मुझे गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (GIDB) का मुख्य अधिकारी भी नियुक्त किया गया जिसके अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री होते हैं । हमारी टीम ने बहुत कठिन परिश्रम किया और कुछ ही महीनों में GIDB देश की सर्वश्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास संस्था के रूप में उभर कर सामने आई । GIDB के मुख्य अधिकारी (२००६-२०१४) के रूप में गुजरात में सड़क, रेल एवं पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए नीतिगत निर्णयों एवं भौतिक कार्यान्वयन के लिए के लिए कार्य किया । इसके साथ बहुत से बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जिनमें कुछ नीचे हैं :

कुछ राष्ट्रीय परियोजनाओं जैसे कि डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर (DFC) एवं दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) जैसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के कार्यों में मैं व्यक्तिगत रूप से जुड़ा रहा । ये सभी प्रोजेक्ट गुजरात से होकर निकलते हैं । इन प्रोजेक्टों पर जापान के उद्योग तथा वहां की सरकार के साथ विशेष रूप से काम करने का अवसर मिला ।

बड़े औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, निर्माण तथा विकास के लिए वैधानिक ढांचे का होना आवश्यक समझकर हमने गुजरात स्पेशल इन्वेस्टमेंट रिजन एक्ट, 2009 बनाया और उसके तहत कई इन्वेस्टमेंट रिजन की स्थापना हुई, जिनमें धौलैरा इन्वेस्टमेंट रिजन प्रमुख है ।

बाद में कई अन्य राज्यों ने गुजरात के इस वैधानिक ढांचे का अनुसरण किया । साथ ही गुजरात में सरकार और निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ आधुनिक बस स्टेशनों का निर्माण, बस आधारित यातायात व्यवस्थाओं, मेट्रो रेल के प्रोजेक्ट धौलेरा में नया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सरकार एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेल एवं लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना तथा प्रवासन स्थलों के विकास का भी कार्य किया गया ।

राष्ट्रीय स्तर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना रही है कि देश को कुछ ऐतिहासिक समस्याओं से बाहर निकाला जाए । जिस प्रकार गुजरात को पानी की समस्या से निजात दिलाई गई । मुझे संतोष है कि मैं भी उन कुछ प्रयासों में शामिल रहा, जिसके तहत कुछ ऐसी समस्याएं ख़त्म हुई ।

जिनमे से कुछ:

‘उद्योगिनः सिंहमुपैति लक्ष्मी’
Choose Your Language
Choose Your Language